बिहार: एनडीए के आधे दिन के बंद का व्यापक असर, मुजफ्फरपुर में RAF के साथ तनाव

Bihar: NDA's half-day strike has wide impact, tension with RAF in Muzaffarpur

बिहार में आज राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) द्वारा बुलाए गए आधे दिन के बंद का व्यापक असर देखने को मिला। एनडीए के सभी पांचों घटक दलों ने इस बंद में सक्रिय भागीदारी निभाई। राज्य के अधिकांश जिलों में बंद का प्रभाव दिखा, लेकिन मुजफ्फरपुर में स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जहां एनडीए समर्थकों और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों के बीच जमकर नोकझोंक और विवाद हुआ। इस घटना के कारण नेशनल हाईवे-27 (NH-27) घंटों जाम रहा, जिससे सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं।

बंद का कारण
एनडीए ने यह बंद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां के सम्मान में बुलाया था। कार्यकर्ताओं का कहना था कि पीएम मोदी के खिलाफ असंवेदनशील टिप्पणियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। राजधानी पटना सहित कई जिलों में एनडीए कार्यकर्ताओं ने सुबह से सड़कों पर उतरकर यातायात बाधित किया।

मुजफ्फरपुर में तनाव
मुजफ्फरपुर के गायघाट थाना क्षेत्र में जारंग हाईस्कूल चौक पर स्थिति उस समय बिगड़ गई, जब दरभंगा की ओर जा रही RAF की गाड़ियों को एनडीए समर्थकों ने रोका। समर्थकों ने NH-27 को पूरी तरह जाम कर रखा था। RAF जवानों ने जाम हटाने की कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ताओं ने सड़क खाली करने से इनकार कर दिया। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते RAF की पूरी बटालियन गाड़ियों से उतरकर सड़क पर आ गई और कार्यकर्ताओं के साथ नारेबाजी और तनावपूर्ण माहौल बन गया।

प्रशासन का हस्तक्षेप
स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया। बातचीत और समझाने के बाद RAF की गाड़ियां वहां से निकल गईं, लेकिन एनडीए समर्थकों ने हाईवे जाम करना जारी रखा। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों लेनों पर ट्रक, बस, कार और दोपहिया वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यात्री धूप में परेशान रहे और कई लोग पैदल ही चलने को मजबूर हो गए।

एनडीए का बयान
एनडीए नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके परिवार के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों को जनता बर्दाश्त नहीं करेगी। इस मुद्दे को लेकर बिहार बंद बुलाया गया, जिसका राज्यभर में व्यापक असर देखा गया। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि विरोधी ऐसी भाषा का इस्तेमाल जारी रखेंगे, तो आंदोलन और उग्र होगा।

प्रशासन की चुनौती
प्रशासन ने एनडीए कार्यकर्ताओं को समझाने की कोशिश की कि सड़क जाम से आम जनता को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। RAF के साथ विवाद के बाद अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई ताकि स्थिति को और बिगड़ने से रोका जा सके।

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